21 जनवरी 2019 - 14:57
मिसाइल परीक्षण किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ नहीं" क़ासेमी

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने ईरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम के खिलाफ शत्रुतापूर्ण दृष्टिकोण की प्रतिक्रिया में बल देकर कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपनी वैज्ञानिक प्रगति को दूसरों की अकारण चिंताओं की भेंट नहीं चढ़ायेगा।

हालिया दिनों में अमेरिका और उसके घटकों ने ईरान के वैज्ञानिक राकेट को बहाना बना लिया है ताकि ईरान के प्रक्षेपास्त्रिक कार्यक्रम को सुरक्षा के लिए ख़तरा बता सकें।

इसी प्रकार अमेरिका और उसके घटकों ने ईरानी राकेट के परीक्षण को सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन बताया और दावा किया कि इस परीक्षण में उन मिसाइलों का परीक्षण भी शामिल है जो परमाणु हथियारों को ले जा सकते हैं। जायोनी शासन ने एक पत्र लिखकर सुरक्षा परिषद का आह्वान किया है कि ईरान के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रम का मुकाबला किया जाये।

सुरक्षा परिषद में इस्राईली राजदूत ने इस परिषद के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें ईरान के राकेट परीक्षण को सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 का खुला उल्लंघन बताया और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम से मुकाबले की मांग की है। इस्राईली राजदूत ने इसी प्रकार दावा किया कि ईरान इसके बाद अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल बनायेगा।

प्रश्न यह है कि क्या जायोनी शासन वास्तव में क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर गम्भीर व चिंतित है? वास्तव में क्षेत्र की सुरक्षा और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के ख़तरनाक होने के संबंध में इस्राईल जो दावे कर रहा है उसका लक्ष्य विश्व जनमत को वास्तविकता से दिग्भ्रमित करना है।

इस्राईल ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को उस स्थिति में ख़तरा बता रहा है जब वह लगातार अपनी मिसाइल क्षमता को बढ़ा रहा है और मध्यपूर्व में एक मात्र इस्राईल है जिसके पास परमाणु हथियार हैं और 200 से 300 तक उसके पास परमाणु वार हेड्स हैं। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को वह अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जांच की भी अनुमति नहीं दे रहा है।

इसी प्रकार इस्राईल वर्षों से यह झूठा दावा कर रहा है कि ईरान परमाणु हथियार प्राप्त करने के प्रयास में है।

प्रसिद्ध अमेरिकी विश्लेषक गैरेथ पोर्टर कहते हैं कि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वे देश ख़तरा हैं जो अपना पूरा प्रयास अमेरिका से हथियार ख़रीदने के लिए करते हैं।

इस समय विश्व समुदाय से सवाल यह है कि जो देश अपनी पूरी शक्ति से क्षेत्र में हथियार ला रहा है वह क्षेत्र की शांति व सुरक्षा के लिए खतरा है या ईरान जो प्रतिबंधों के कारण कोई हथियार नहीं ख़रीद सकता?

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने ईरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम के खिलाफ शत्रुतापूर्ण दृष्टिकोण की प्रतिक्रिया में बल देकर कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपनी वैज्ञानिक प्रगति को दूसरों की अकारण चिंताओं की भेंट नहीं चढ़ायेगा।

इसी प्रकार विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अभी जिस राकेट का परीक्षण किया गया उसका किसी प्रकार सैनिक आयाम नहीं था और वह न तो

किसी प्रकार सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन है और न ही उसका परीक्षण किसी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।